Reema Lagoo Birth Anniversary: रीमा लागू की इस तस्वीर ने बदल दी थी एक फोटोग्राफर की जिंदगी

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रीमा लागू (Reema Lagoo) का नाम आते ही ममता से भरी एक ऐसी एक्ट्रेस का चेहरा सामने आ जाता है, जिनकी मोहक मुस्कान और बोलती आंखे उनकी अभिनय क्षमता का परिचय खुद-बखुद दे देती हैं. थियेटर से अपना करियर शुरू करने वाली रीमा मराठी और हिंदी फिल्मों में काम किया था. टीवी पर भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करवा चुकी हैं. 21 जून 1958 में पैदा हुईं रीमा को फिल्मों में मां के किरदार के लिए जाना जाता हैं. आज रीमा की जयंती पर बताते हैं उस फोटोग्राफर के बाने में जिसके लिए बन गई फरिश्ता.

रीमा लागू ने सिर्फ पर्दे पर ही नहीं बल्कि असल जिंदगी में अपने दमखम पर अपनी बच्ची को पाला और समाज में सिर ऊंचा कर अपनी एक अलग पहचान बना पाने में कामयाब रहीं. रीमा की मां भी मराठी एक्ट्रेस थीं तो पढ़ाई के समय से रीमा का रुझान भी एक्टिंग की तरफ हो गया था. 10वीं पास करते ही एक्टिंग करने लगी. मराठी थियेटर और मराठी सिनेमा की दमदार एक्ट्रेस रहीं रीमा ने 1980 में फिल्म ‘कलयुग’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था.

रीमा ने अकेले की बेटी की परवरिश
अभिनय के दौरान ही रीमा लागू की दोस्ती मराठी एक्टर विवेक लागू से हुई. दोस्ती, प्यार और फाइनली शादी में बदल गई. इनकी एक बेटी मृणमयी लागू हैं. कुछ दिनों तक रीमा-विवेक की शादीशुदा जिंदगी खुशनुमा रही लेकिन बाद में ऐसा मनमुटाव हुआ कि दोनों अलग हो गए. रीमा ने अपनी बाकी की जिंदगी बेटी की परवरिश में बिता दी.

Reema lagoo

रीमा लागू की आज जयंती है. (फोटो साभार: Movies N Memories/twitter)

रीमा के पोर्टफोलियो ने फोटोग्राफर की किस्मत बदल दी
जाने माने फोटोग्राफर आशीष सोमपुरा ने इंटरव्यू में बताया था कि ‘रीमा दीदी के पोर्टफोलियो की शूटिंग 1985 में हुई थी. तब मैं नया-नया था और वह जानी मानी अभिनेत्री थीं, फिर भी अपने पोट्रेट के लिए मुझ जैसे नए फोटोग्राफर पर भरोसा किया. मेरे छोटे से स्टूडियो में कुछ तस्वीरें क्लिक करने के बाद मैंने उन्हें आउटडोर शूट के लिए कहा और उस शूट ने मेरी किस्मत दी. इसके बाद तो एक्टिंग और मॉडलिंग से जुड़े कई एक्टर्स मेरे स्टूडियो आने लगे’.

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रीमा दी मेरे लिए फरिश्ता बनकर आईं
आशीष सोमपुरा ने बताया था ‘बरसों बाद अपनी बेटी का पोर्टफोलियो क्लिक करवाने आई तो मुझे याद दिलाया कि उस समय आपने सिर्फ 600 रुपए फीस लिया था. मैंने कहा मुझे आपसे एक रुपया भी नहीं चाहिए क्योंकि आप मेरे लिए फरिश्ता बन कर आई थीं, आपकी तस्वीरों ने मेरी किस्मत बदल दी और फोटोग्राफर के रुप में मेरी पहचान बनी’.

Tags: Birth anniversary, Reema lagoo



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