Kapil Sharma I am not done yet He can be easily called Sachin Tendulkar of comedy ss – REVIEW: कॉमेडी की दुनिया में सचिन तेंदुलकर है ये आदमी

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पहले कलर्स टीवी और अब सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर 2016 से छाये हुए कपिल शर्मा के गंवारूपन या देसीपन का अंदाजा इस बात से लग जाता है कि वो कहते हैं की पहले वो टीवी पर आते हैं और अब नेटफ्लिक्स पर आएंगे. वो ये बात भूल जाते हैं कि बिना स्क्रीन के नेटफ्लिक्स की कोई उपयोगिता नहीं है और अधिकांश लोग नेटफ्लिक्स टेलीविजन या मोबाइल पर ही देखते हैं. इस एक बात से आप अंदाजा लगा लीजिये कि कपिल शर्मा का नेटफ्लिक्स स्टैंडप स्पेशल कितना सोच विचार कर लिखा गया होगा. 28 जनवरी को एक लम्बे इंतज़ार के बाद इसे रिलीज़ किया गया, लाखों लोग इसे देख रहे हैं. उनमें से अधिकांश दर्शक अपना सर धुन रहे हैं. क्योंकि 54 मिनिट लम्बे इस स्पेशल में न तो कपिल शर्मा अपने बेहतरीन फॉर्म में हैं और ना ही उनकी टोली के किसी भी सदस्य का कोई किरदार स्टेज पर नज़र आता है, सिवाय उनके संगीतज्ञों के. कपिल शर्मा का स्टैंडअप समय के साथ आगे नहीं बढ़ा है वहीँ रुक गया है. किसी शादी में आये फेवरेट मामाजी से उनकी फ़र्ज़ी बहादुरी के किस्सों की गाथा सुन रहे हों ऐसा लगता है.

द कपिल शर्मा शो या कॉमेडी नाइट्स विथ कपिल, दोनों ही शो में कपिल के साथ होते हैं कुछ सेलिब्रिटीज, और सुनील ग्रोवर, कीकू शारदा, चन्दन प्रभाकर, भारती या कृष्णा अभिषेक जैसे कुछ मंजे हुए कलाकार. उनके शो पर होते हैं कुछ आधा दर्ज़न से ज़्यादा कॉमेडी राइटरों की एक फ़ौज और होती है कई कई घंटों की रिहर्सल जिसके बाद हम शनिवार और इतवार को उनका शो देखते हैं. नेटफ्लिक्स पर उनका स्टैंडअप इन सबसे दूर ही है. इस नेटफ्लिक्स स्पेशल की स्क्रिप्ट लिखी है उनके चहीते लेखक और उनके टेलीविज़न शो के क्रिएटिव डायरेक्टर अनुकूल गोस्वामी ने. स्क्रिप्ट कई हिस्सों में इतनी ख़राब है की पंच ठीक से पड़ते ही नहीं. जिस फॉर्मेट में कपिल पिछले कुछ सालों से लगे हुए हैं, वो फॉर्मेट स्टैंडअप में इस्तेमाल नहीं हो सकता. जब 2007 में कपिल ने द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज का विजेता बन कर स्टैंडअप कॉमेडी के क्षेत्र में अपना नाम कमाया था तब से लेकर अब तक की स्टैंडअप कॉमेडी की स्टाइल और प्रेजेंटेशन में ज़मीन आसमान का फर्क आ चुका है. वीर दास, एआयबी, अबीश मैथ्यू, ज़ाकिर खान के अलावा अतुल खत्री, अमित टंडन, संदीप शर्मा जैसे धाकड़ कॉमेडियंस अब शहरी लोगों को अपील करने वाली कॉमेडी के साथ स्टैंडअप करने लगे हैं. ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वजह से इंटरनेशनल कॉमेडियंस भी अब भारतीयों को देखने को मिल जाते हैं. नेटफ्लिक्स ने कपिल की पॉपुलैरिटी को भुनाने की इच्छा से ये स्पेशल बनाया है जो कि स्टैंडअप कॉमेडी के तौर पर कमज़ोर है. हालांकि कपिल की फैन फॉलोइंग इतनी है कि सब एक-एक बार भी इसे देखेंगे तो भी ये सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला स्पेशल बन जाएगा.

कपिल शर्मा : आय एम नॉट डन यट में कपिल अपनी ज़िन्दगी के कुछ वाकयों का ज़िक्र करते हैं. चूंकि ये ऑटोबायोग्राफिकल है और लियो टॉलस्टॉय ने कहा भी है कि ‘ऑल ऑटोबिओग्राफिज़ आर लाइज’ तो इस में कुछ तथ्यों के साथ छेड़खानी की गयी होगी. लेकिन कपिल मूलतः एक सीधे इंसान हैं और अमृतसर जैसे छोटे शहर से आने के बावजूद उन्होंने एंटरटेनमेंट की दुनिया में इतना बड़ा रुतबा और मकाम हासिल किया है. इस रुतबे और मकाम का यकीन तो वो कर लेते हैं लेकिन कहीं न कहीं अंदर का वो छोटे शहर का बाशिंदा अब भी कहता है, छोड़ यार कुछ नहीं रखा इन सब में. कपिल की तरक्की काबिल-ए-तारीफ है क्योंकि प्रतिभा के साथ साथ उनकी मेहनत का अंदाजा बहुत कम लोगों को है. इस स्पेशल में उन्होंने उसकी एक झलक दिखाई है. अपने डिप्रेशन पर इस कदर मज़ाकिया ढंग से बात करते कपिल की आँखों में दर्द को कम ही लोग देख पाए हैं. पंजाब से आया आदमी सब कुछ खुल के करता है. उसको किसी का कोई डर नहीं है. वो इस बात से चिंतित नहीं रहता कि लोग उसे जज करेंगे। वो इस बात से भी नहीं डरता कि बड़े शहर के लोग उसका मजाक उड़ाएंगे. वो बस मौके का इंतज़ार करता है जब वो अपने अंदाज़ में सब को जवाब दे सके.

शराब पी कर प्रधानमंत्री को ट्वीट करने वाले किस्से को हाईलाइट किया गया है जहाँ कपिल शराब पीकर खुद के बहकने की बात का मज़ाक उड़ाते हैं और वहीँ अपने से कई साल पहले हिन्दू कॉलेज अमृतसर में पढ़े डॉक्टर मनमोहन सिंह को सलाम भी कर लेते हैं. अपने पिता से उनके अनोखे रिश्ते को वो पिता की मौत के बाद समझ पाए इस बात का दुःख भी ज़ाहिर किया तो अपने पिता के जीने के अंदाज़ से खुद की ज़िन्दगी तराशने की कोशिश की भी बात की. अपने बड़े भाई और माँ से बेइंतेहा प्यार करने वाले कपिल अपनी पत्नी गिन्नी से भी इस प्रोग्राम में रूबरू होते हैं जो कि कपिल से भी तेज अंदाज में उनकी बातों का जवाब देती हैं और दर्शक इस प्यार को देख कर हंस पड़ते हैं. कपिल के जोक्स और पंचेस खालिस अमृतसरी हैं और जहां वो मुम्बइया अंदाज डालते हैं वो जोक्स फेल हो जाते हैं. कपिल का ह्यूमर “इंसल्ट” यानी बेइज़्ज़ती वाली केटेगरी में रखा जाता है. वे अक्सर ऑडियंस का, अपने साथी कलाकारों का या कभी कभी अपने सेलिब्रिटी गेस्ट्स का मज़ाक उड़ाते हैं या उनकी बेइज़्ज़ती करते हैं. वो अक्सर अपने साथियों के चेहरे या शरीर पर भी घटिया जोक्स कसते रहते हैं. नेटफ्लिक्स में स्टैंडअप में वो अकेले हैं इसलिए ऐसा कुछ कर नहीं सकते तो वो खुद का ही मज़ाक उड़ाते हैं, हालांकि बेइज़्ज़ती नहीं करते. ये बात कपिल की खासियत है कि करीब 20-25 साल से वो स्टेज पर कॉमेडी कर रहे हैं लेकिन मौका पड़ने पर वो अपने आप की ही खिंचाई कर लेते हैं. गाने के शौक़ीन कपिल को अपनी आवाज़ बहुत पसंद है जबकि वो कई मौकों पर बेसुरा गाते हुए पकडे गए हैं. इस स्पेशल के अंत में वो अपने पिता की याद में उनके लिए एक खूबसूरत श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं एक गाने की शक्ल में वो भी कपिल की पसंदीदा ज़बान ‘अंग्रेज़ी’ में. ये ट्रिब्यूट इसलिए खास है कि कपिल को मुंबई आने के कई साल बाद तक अंग्रेज़ी बोलना नहीं आती थी, अभी भी उनका हाथ तंग ही है लेकिन इस एक ट्रिब्यूट से कपिल के सभी को याद दिलाया है कि उनका काम अभी ख़त्म नहीं हुआ है. ऐसा बहुत कुछ है जो कपिल के अंदर है और प्याज के छिलकों की तरह वो खुलते जाएंगे, बस आपको रुलायेंगे नहीं दिल से हंसाएंगे.

कपिल के कॉमेडी शोज दुनिया भर में देखे जाते हैं और ऐसे कई लोग हैं जो हफ्ते के सिर्फ इन दो दिनों के डेढ़ घंटों के लिए टीवी देखते हैं. कई ऐसे लोग जो कोविड की वजह से डिप्रेशन में चले गए थे, वो कपिल और उसके साथियों के साथ हंस कर अपनी ज़िन्दगी बचा पाए हैं. कपिल के शो में कई बार ऐसे दर्शक आते हैं जो बताते हैं कि कैसे कपिल के शो ने उनके, उनके माता पिता और रिश्तेदारों को उनके अंतिम पल में हंसाये रखा. जानवरों से बेइंतेहा प्यार करने वाले कपिल ने मुंबई पुलिस के डॉग स्क्वाड के सबसे प्रसिद्ध कुत्ते ज़ंजीर को अपनाया था. कपिल के मित्र कहते हैं कि कपिल जितना आसानी से हंसाते हैं उस से कहीं ज़्यादा आसानी से वो रो देते हैं. उनसे किसी का दुःख देखा नहीं जाता. लाफ्टर चैलेंज में वो अपने बचपन के दोस्त चन्दन प्रभाकर को भी खींच लाये थे, और कपिल के साथ की वजह से वो उपविजेता बने थे. प्रसिद्ध कॉमेडियन भारती तो कपिल को अपने बड़े भाई का दर्ज़ा देती हैं क्योंकि करियर के शुरुआत में संघर्ष के दिनों में भारती के घर की नाज़ुक आर्थिक स्थिति देख कर कपिल कई बार अपना मेहनताना और इनाम की रकम भी भारती को दे दिया करते थे. कपिल के बैंड में लीड गिटार पर उनके अमृतसर के दिनों के साथी दिनेश काम करते हैं. कपिल इन सब बातों को स्पेशल से गोल कर गए क्योंकि वो ऎसी बातें करते सुनते हुए असहज हो जाते हैं. कपिल को किसी के सामने रोना पसंद नहीं है और वो किसी अपने को रोते हुए देख भी नहीं सकते.

कपिल का ये स्टैंडअप कई मामलों में कमज़ोर था. स्क्रिप्ट और बेहतर कर सकते थे. इस शो का नाम था कपिल शर्मा : आय एम नॉट डन यट जिसका मतलब है कि कपिल का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, उनकी इनिंग अभी लम्बी चलेगी. इस वजह से उनकी ज़िन्दगी के जितने पलों का ज़िक्र उन्होंने किया वो बहुत भावनात्मक थे, कॉमेडी कम थे. ये स्टैंडअप यदि आप सिर्फ एक स्टैंडअप के नज़रिये से देखेंगे तो आपको ये बात समझ आ जाएगी कि कपिल का शो अकेले का शो नहीं है. कपिल दरअसल सचिन तेंदुलकर की तरह हैं. उनके जैसी प्रतिभा किसी और के पास नहीं है लेकिन टीम तो पूरे 11 खिलाडियों से बनती है जिसमें गांगुली भी हैं, द्रविड़ भी हैं, लक्ष्मण भी हैं, कुंबले भी हैं. नेटफ्लिक्स की यह प्रस्तुति कपिल की प्रतिभा के साथ न्याय नहीं करती. इस स्पेशल में उनके साथी कलाकारों के साथ उनके रिश्तों पर बात होनी चाहिए थे, या फिर इन दोस्तों के नजरिये से कपिल की अहमियत दिखाई जानी चाहिए थी. शायद कपिल को पसंद नहीं आता लेकिन दर्शक अपने दोस्त कपिल की असलियत जान कर उस पर और भी प्यार बरसाते.

डिटेल्ड रेटिंग

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Tags: Film review, Kapil sharma, Netflix



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