‘Anatomy of a Scandal’ REVIEW: लिखा अच्छा, लेकिन सीरीज फिर भी कमजोर ही रही

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‘Anatomy of a Scandal’ REVIEW: किसी भी विवाहित पुरुष का अपने सहकर्मी से अफेयर होना आजकल बहुत मामूली बात हो गयी है. अधिकांश मामलों में पत्नियां अपने पति को सिर्फ इसलिए माफ़ कर देती हैं कि वो अपने पति पर अंधा भरोसा करती हैं या फिर उनका सोचना होता है कि सब कुछ करने के बाद भी वो लौटकर मेरे और बच्चों के पास ही आता है. पुरुष इस तरह के मामलों में या तो साफ़ झूठ बोलते हैं या ये कह देते हैं कि ये सिर्फ तनाव की वजह से हुआ. कई महान पुरुष अपनी पत्नी को इसका दोषी ठहरा देते हैं कि तुम बच्चों में व्यस्त हो और तुम्हारे पास मेरे लिए समय नहीं है.

प्रत्येक मामले में पुरुष को निर्दोष साबित करने के लिए सभी पुरुष साथ खड़े हो जाते हैं क्योंकि उनके भी अपने इसी किस्म के राज़ होते हैं और आमतौर पर स्त्रियां थोड़ा विरोध करती हैं लेकिन वो विरोध सांकेतिक होता है या उसमें कोई शक्ति नहीं होती. अपनी सहकर्मी से प्रेम सम्बन्ध बनाने की परिणीति कभी भी सहकर्मी से विवाह के रूप में बदलती नहीं दिखाई देती और इस तरह के रिश्तों को कोई आधिकारिक नाम भी नहीं दिया जाता. सहकर्मी लड़की के लिए अपने बॉस के करीब जाने का सुनहरा अवसर प्रेम न होकर सफलता की सीढ़ी समझा जाता है और दोष सहकर्मी लड़की पर ही होता है.

मनोवैज्ञानिक अध्ययन में ये भी पाया गया कि लड़कियों को ताकतवर पुरुषों से विशेष लगाव होता है, और वो पावर पोजीशन में बैठे पुरुषों से जल्दी प्रभावित हो जाती हैं. ये सिर्फ एक डाटा है, लेकिन थोड़ा बहुत सत्य इसमें भी हो सकता है. कुछ साल पहले इस तरह के केसेस की बढ़ती संख्यों को देखते हुए और शोषित लड़कियों को टूटते हुए या अपना करियर, अपनी ज़िंदगी ख़त्म करते देखते हुए “मी टू” अभियान भी शुरू हुआ था लेकिन उसका असर बहुत कम समय के लिए रहा. ब्रिटेन के अख़बार द गार्जियन में पोलिटिकल रिपोर्टर के तौर पर काम करने वाली साराह हॉल (साराह वॉन) के तीसरे और सबसे सफल उपन्यास, एनाटमी ऑफ़ अ स्कैंडल पर बनी इसी नाम की वेब सीरीज को हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ किया गया. इस में इसी तरह के एक स्कैंडल से होने वाले दुष्परिणामों पर एक रोमांचक कहानी है.

2010 में प्रकाशित इस उपन्यास का अब तक 22 भाषाओं में अनुवाद हो चुका है और इस पर टीवी सीरीज बनाया जाना उपन्यास के बाजार में आते ही लगभग तय माना जा रहा था. द गार्जियन के अपने अनुभवों से प्रेरणा लेकर साराह ने इस उपन्यास की रचना की थी. पढ़ने में एक रोमांचक थ्रिलर की तरह पढ़ा जाने वाला यह उपन्यास दरअसल ब्रिटेन के राजनैतिक परदे के पीछे बरसों से छिपाये जा रहे घिनौने सच का कच्चा चिट्ठा है. वेब सीरीज, हालांकि सिर्फ 6 एपिसोड की है लेकिन कुछ अनावश्यक दृश्यों की वजह से ये लम्बी लगती है और बीच बीच में दर्शक बोर हो जाते हैं.

ब्रिटेन सरकार के एक मंत्री का अपनी एक सहकर्मी के साथ का प्रेम प्रसंग उसके राजनैतिक और पारिवारिक जीवन में तूफ़ान ला देता है. बड़ा झटका तब लगता है जब वो सहकर्मी अदालत में मंत्री पर बलात्कार का इलज़ाम लगा देती है. केस की सुनवाई होती है, मंत्री के हाथ से मंत्रालय ले लिया जाता है और उसकी पत्नी भी अपने पति को अब शक की नज़रों से देखने लगती है. जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है मंत्री का अतीत इस मुक़दमे से जुड़ने लगता है, और हालांकि मंत्री, बलात्कार के आरोप से बरी हो जाता है, उसकी पत्नी को उसके अतीत के पन्नों में लिखी कहानी से बहुत दर्द झेलना पड़ता है और वो उसे छोड़ देती है.

मंत्री की भूमिका निभाई है रुपर्ट फ्रेंड ने. बहुचर्चित वेब सीरीज होमलैंड में इनके काम की बहुत सराहना हो चुकी है. रुपर्ट एक खूबसूरत शख्स हैं लेकिन इनका अभिनय इस सीरीज में बहुत ख़ास नहीं रहा है. अपने अतीत से संबंधों को ख़त्म कर के बैठा ये शख्स, हर दिन को एक नयी ज़िन्दगी की तरह गिनता है. राजनीतिज्ञ है, मंत्री है और इसलिए आदतन झूठ बोलता है. स्कैंडल में फंस जाता है लेकिन चेहरे पर बहुत मामूली तनाव दिखता है. उनकी पत्नी की भूमिका सिएना मिलर ने निभाई है जो कि काफी सालों से एक अच्छे रोल की तलाश में रही हैं. शायद ये रोल उनके लिए उनके करियर की दिशा बदलने में मददगार साबित होगा.

सिएना प्रतिभाशाली हैं, उन्हें कई बार एक्टिंग के लिए पुरस्कारों के लिए नामांकित किया जा चुका है लेकिन अभी भी ऐसा लगता है कि उनकी प्रतिभा का सही इस्तेमाल नहीं हुआ है. एनाटमी ऑफ़ अ स्कैंडल में उनके किरदार में काफी अलग अलग छटाएं हैं और इसलिए इस वेब सीरीज से उन्हें काफी उम्मीदें हैं. निर्देशिका एसजे क्लार्कसन ने एक काम तो बहुत अच्छा किया है, इस सीरीज में उन्होंने काफी घुमाव और पेचीदगी रखी है. हर एपिसोड में लगता है कि केस अब ख़त्म हुआ ही समझो लेकिन तभी मंत्री के अतीत की कोई बात या उसकी पत्नी की यादों से निकला कोई किस्सा, मामले को उलझा देता है. कोर्ट के सीन लाजवाब हैं. सिनेमेटिक स्टाइल भी अलग है, कोर्ट में गवाही देते समय किरदार अतीत में चला जाता है और इस बात को अलग शेड में या फ्लैशबैक को किसी और स्टाइल में नहीं फिल्माया गया है.

कोर्ट केस में “सहमति” शब्द के अलग अलग मायनों पर होने वाली जिरह से बड़ी खूबसूरती से मंत्री को निर्दोष बताने की जल्दबाज़ी दिखाई गयी है. जूरी और जज दोनों ही केस में उपस्थित हैं लेकिन उनका कोई संजीदा रोल नहीं है. मंत्री की वकील (जोसेट सिमोन) और उस लड़की की वकील (मिशेल डॉकरी) कोर्ट में एक दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं लेकिन बाहर वो दोनों अच्छे दोस्त हैं. दोनों वकीलों के रूप में महिला किरदार लेना और फिर उनकी आपसी मित्रता भी दिखाना, लेखिका और निर्देशिका, दोनों के ही नज़रिये से, एक बेहतरीन आयडिया है. कई टेलीविज़न सीरीज के लिए संगीत रच चुके जोहन सॉडरक्विस्ट ने मौके की नज़ाकत को देखते हुए संगीत की रचना की है. कई जगह संवादों की जगह संगीत ही बोलता नज़र आता है. बलाज़स बोलीगो की सिनेमेटोग्राफी में ब्रिटेन की खूबसूरती के साथ साथ हर दृश्य की अहमियत को भी कैप्चर किया है. कलर पैलेट लंदन के ठण्ड वाले मौसम की तरह है, थोड़ा खुशगवार है लेकिन ज़्यादातर मूड का सत्यानाश करता रहता है. इस तरह के ड्रामा में ये कलर पैलेट एकदम मुफीद रही है.

एनाटमी ऑफ़ अ स्कैंडल एक बेहतरीन वेब सीरीज कही जा सकती थी लेकिन ये किताब पर बनी थी इसलिए कहीं कहीं हाथ बंधे हुए लगे हैं. कथानक से बहुत दूर जाने की गुंजाइश भी नहीं रही है. जिस बात से दर्शक अपने आप को इस सीरीज से जोड़ नहीं पाते हैं वो है बलात्कार का इलज़ाम लगाने वाली लड़की की कहानी को सिर्फ उसकी कोर्ट की गवाही में ही ख़त्म कर दिया गया है. उसका अतीत, उसकी सोच, उसका व्यक्तित्व… सब कुछ इस सीरीज से गायब है. ये बात समझने वाली है कि दर्शक हमेशा पीड़ित की कहानी सुनना चाहते हैं ताकि उन्हें ये लगे कि उनकी राय सभी पक्षों को सुनाने के बाद बनी है. इस वेब सीरीज में दर्शकों को वो मौका नहीं मिला है इसलिए अच्छी राइटिंग होने के बावजूद, सीरीज कमज़ोर है. वीकेंड पर देख सकते हैं लेकिन कोई अप्रत्याशित बात दिखेगी ऐसा बिलकुल नहीं होगा.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
स्क्रिनप्ल :
डायरेक्शन :
संगीत :

Tags: Review, Web Series



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